Open Letter to AAP

Please Share :
प्रिय मित्र केजरीवाल & सहयोगी दल
        आज कल न्यूज़पेपर & सोशल मीडिया पर मेट्रो एवम अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट के साधनों में महिलाओं के लिए फ्री यात्रा संबंधी समाचार बहुत चर्चित है इसी संबंध में हम MensHUB की तरफ से आपका ध्यान निम्न बातों की तरफ आकृषित करना चाहते है
1. संविधान किसी भी रूप में किसी भी व्यक्ति को gender विशेष के कारण discriminate करने का अधिकार नहीं देता एवम हम इस प्रावधान को जो किसी को सिर्फ महिला होने के कारण सार्वजनिक संपत्ति का इस्तेमाल फ्री में करने की इजाज़त दे पुरुषों के प्रति दुर्भावना पूर्ण एवम डिस्क्रिमिनेशन मानने है
2. महिला एवं विकास विभाग द्वारा किये गए शोध से यह सामने आया है की पुरुष बच्चों का सेक्सुअल harassment महिला बच्चों से अधिक होता है ऐसे में यह मानना की महिला पुरुष की तुलना में अधिक खतरे में है यह सिर्फ पुरुषों के प्रति दुर्भावनापूर्ण है
3. शोध से यह भी सामने आया है कि मेट्रो में महिला जेबकतरों की संख्या पुरुष जेबकतरों से बहुत अधिक है ऐसे में यह मानना की मेट्रो में पुरुष महिलाओं की तुलना में अधिक असुरक्षित है सर्वथा उचित मालूम होता है
4. मेट्रो में महिला अपराधी ज्यादा संख्या में सिर्फ करती है इसीलिए महिला अपराधियों को फ्री सफर की सुविधा देना पुरुष यात्रियों को दुर्भावना पूर्ण नीति के तहत खतरे में डालने के सामान माना जा सकता है
5. जब किसी वर्ग विशेष को फ्री यात्रा की सुविधा दी जाती है तब इसका अर्थ यही निकलता है कि वर्ग विशेष की टिकट के पैसा दूसरे वर्ग से वसूल किया जाएगा यह पैसा टिकट की कीमत बढ़ाने अथवा सब्सिडी देने के रूप में हो सकता है पुरुष वर्ग के प्रति यह दुर्भावना पूर्ण व्यवहार है
6. अधिकांश महिलाएं आज की तारीख में नौकरीपेशा है और वो अपने पुरुष सहकर्मी के बराबर ही कमाने लगी है ऐसे में किसी को विशेष रियायत देना न्यायसंगत नहीं कहा जा सकता
7. पुरुष एवम महिला दोनो किसी परिवार से संबंधित है अगर किसी परिवार की महिला गरीब है तो उस परिवार का पुरुष भी उतना ही गरीब है ऐसे में महिला को विशेष रियायत देना और पुरुष को न देना उस परिवार के खिलाफ अन्यायपूर्ण व्यवहार है
8. किसी भी महिला को फ्री यात्रा की सुविधा देने की अपेक्षा अगर आप निम्न आय वर्ग के सभी व्यक्तियों को (बिना जेंडर बेस्ड डिस्क्रिमिनेशन) फ्री यात्रा की सुविधा देते तब उसे सामाजिक न्याय माना जा सकता था परंतु आपकी नीति 100 रुपये हर रोज कमाने वाले पुरुष पर अतिरिक्त बोझ डालने वाली है जबकि 1000 रुपये हर रोज़ कमाने वाली महिला को फ्री यात्रा की सुविधा देती है जोकि सामाजिक न्याय नहीं बल्कि पुरुष वर्ग के प्रति AAP की दुर्भावना पूर्ण नीति को प्रकट करती है
AAP की वर्तमान नीति न केवन आर्थिक रूप से देश के हित के विरुद्ध है बल्कि यह नीति पुरुष वर्ग के खिलाफ AAP की दुर्भवनाओ को भी उजागर करती है तथा यह men’r right का उलंघन भी है पूर्व में भी AAP कई अवसरों पर पुरुष वर्ग के प्रति दुर्भावना पूर्ण व्यवहार कर चुकी है
Men’s HUB AAP की इस नीति की आलोचना करते है तथा डिमांड करते हुए AAP से अपेक्षा करती है की AAP न केवल अपनी पुरुष विरोधी नीतियों को बदल कर उन्हें सामाजिक न्याय आधारित नीतियों को बढ़ावा देगी बल्कि पुरुष वर्ग से सारवजनिक माफ़ी भी मांगेगी
Men’s HUB

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*