मिश्रा जी

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वैसे तो मिश्रा जी के बारे मैं कुछ भी कहना सूरज को दीपक दिखने के बराबर है परन्तु मजबूरी भी कोई चीज़ होती है इसीलिए कहना पड़ता है | इतने बेशुमार किस्से है मिश्रा जी की समाज सेवा के की हम सब दोस्त उनको किस्से कहानियों का ख़ज़ाना कहते है |  उनके ही ख़ज़ाने से एक किस्सा  पेशख़िदमत है | 

मिश्रा जी वैसे तो बहुत ही व्यस्त रहते है परन्तु इसके बाद भी सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने का वक़्त निकल ही लेते है |  कई महीने पहले उन्होंने अपने सोशल मीडिया वाल पर एक वीडियो शेयर किया उनकी किसी महिला मित्र का था कुछ ज्ञान दे रही थी |  हम  दोस्तों ने भी लाइक मार दिया (अब यह मत पूछियेगा की वीडियो देख कर लाइक  किया था या बिना देखे की लाइक  कर दिया था यह नहीं बताएँगे बिलकुल नहीं बताएँगे बहुत ही राज की बात है) | इतने सारे लाइक देख कर मिश्रा जी बहुत उत्साहित हो गए | कुछ दिन बाद फिर से एक वीडियो पोस्ट पर दिया | इस बार भी किसी महिला का वीडियो था कुछ गीत संगीत से संबंधित |  हमने झट से लाइक कर दिया (देखा या नहीं अब भी मात पूछिए की हम नहीं बताएँगे राज है) | बाकि दोस्तों ने भी लाइक किया | उत्साहित मिश्रा जी ने फिर से एक वीडियो पोस्ट कर दिया | इस बार मुद्दा था पुलिस के हवलदार  द्वारा किसी लड़के को मोटर बाइक के चालान का | हवलदार साहब लड़के को हेलमेट न होने के लिए धमका रहे थे | हमने फिर से मिश्रा जी का साथ दिया वीडियो को लिखे किया शेयर भी किया |  कई बार हुआ बार बार हुआ मिश्रा जी किसी मामले को उठाते और वीडियो पोस्ट करते रहे हम भी अपना फ़र्ज़ निभाते रहे |

फिर आया लॉक डाउन | घर बैठे बैठे क्या करें सोचा की चलो अवेयरनेस फैलाएं कोरोना एवं लॉक डाउन के बारे मैं तो हम भी सोशल मीडिया पर एक्टिव हो गए | पुलिस एवं डॉक्टर लोगों के द्वारा लॉक डाउन को पालन करने के लिए अपनाये गए अलग अलग तरीके और उनपर बने वीडियो या पोस्टर शेयर करते | बहुत अच्छी निभ रही थी मिश्रा जी हमारे वीडियो लाइक एंड शेयर करते हम मिश्रा जी के वीडियो लिखे एंड शेयर करते | 

फिर एक दिन गड़बड़ हो गयी मिश्रा जी सुबह सुबह हमारे घर आ गए | सोशल डिस्टन्सिंग का पालन कर रहे थे कैसे गले लगा लेते मिश्रा जी को | पर मिश्रा जी वह कहाँ मानने वाले थे पालक झपकते ही बिलकुल नज़दीक आ गए और बस हमारे गाल लाल कर दिए | मजबूर थे टमाटर जैसे गाल से ही मिश्रा जी का स्वागत करना पड़ा | 

झगड़ा क्या था ?

वैसे तो बड़ी मामूली बात थी परन्तु मिश्रा जी पता नहीं क्यों मामले को बढ़ाये जा रहे थे | तो साहब मामला यह था की अभी तक हम जो वीडियो पोस्ट कर रहे थे उनमे लड़के लोगों की पिछवाड़े पर लतियाते हुए पुलिस वाले दीखते थे और मिश्रा जी लड़के लोगों के सूजे हुए  पिछवाड़े दिखा दिखा कर लोगों को अवेयर करते रहते थे | अब असली गड़बड़ ऐसे हुई की की लड़की जो स्कूटी पर बिना मास्क जा रही तह पुलिस वाले ने उसको रोक लिया | सख्त भाषा मैं समझाया मास्क लगाने के लिए (सख्त भाषा का मतलब लात घुसे मत समझ लीजिये बस जुबानी ही समझाया) और लड़की को तब जाने दिया जब लड़की ने अपनी जेब से निकल कर मास्क लगा लिया  |  चालान भी नहीं काटा | वैसे तो लड़की ने मास्क नहीं लगाया उसकी समस्या भी वाजिब थी आखिर बताइये तो अगर मास्क लगा लेती तो बीड़ी के सुट्टे कैसे लगाती | बताइये तो जरा |  आखिर पुलिस वाले ने बीड़ी फिकवायी तब जा कर मास्क लगा | समस्या वाज़िब थी बस पुलिस वाले समझे नहीं | 

अब देखिये हमारी बेवकूफी हमने वह वाला वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया | बस इससे ही सब गड़बड़ हो गयी | हलाकि हम चाहते नहीं थे पर गड़बड़ हो गयी | 

हुआ यूं की सुबह सुबह उस लड़की को देखने के लिए लड़का अपनी माँ के साथ आ गया (और कब आता सुबह सुबह ही तो बहार जाने देते है) | लड़की की माँ ने लड़की की बहुत तारीफ की और बताया की लड़की तो गाय है गाय | पर साहब लड़का भी सारा दिन सोशल मीडिया पर घूमता रहता था (आखिर उसका भी तो लॉक डाउन था ) उसने भी तुरंत मोबाइल निकल कर दिखा दिया की बिलकुल गाय है  सुट्टे मारने वाली गाय | 

और बस लड़की ने  लड़के और उसकी माँ को तो वही लम्बा लिटा कर अच्छी तरह से धो डाला और हमें धोने के लिए अपने पड़ोसी मिश्रा जी को भिजवाया था | 

तौबा तौबा ऐसी गलती एक गाय को सुट्टे मरने वाली गाय बना दिया हमने  सुट्टे बाज़ गाय  | एक एक शरीफ मेहनती लड़के को फांसने का प्रोग्राम का सत्यानास करवा दिया हमारी एक गलती ने | हमारे पास तो हज़ारों ऐसे वीडियो थे जिसमे लड़को को बदनाम करके अवेयरनेस पैदा किया जा सकता था परन्तु हमने एक लड़की का वीडियो शेयर कर दिया  राम राम .. … …  हमें तो नरक मैं भी जगह न मिले तौबा तौबा |

नोट : सत्य घटना से प्रेरित