दुआ

Please Share :

दुआ

दौड़ जारी थी … लगातार जारी थी … हिरण आगे आगे और शेर उसके पीछे पीछे …. हिरण को आखिर में शेर के द्वारा मार दिया जाना तय था । हिरण कितना भी भागता कितना भी उछल कूद करता आखिर में उसे मारा जाना था । और कोई रास्ता नहीं था

परंतु यह दुखद दृश्य कोई पहाड़ी की चोटी से देख रहा था और उससे हिरण की मृत्यु सहन नहीं हो रही थी और आज एक बार फिर उसके हाथ दुआ में उठ गए … …. एक बार फिर हिरण की रक्षा के लिए कोई दुआ कर रहा था … और उसकी दुआ में असर था … … एक बार फिर हिरण अपनी मौत को धोखा देने में कामयाब हो गया ।

पिछले पांच दिन से हिरण लगातार मौत को धोखा दे रहा था और शेर और उसके बच्चे लगातार पांच दिन से मौत की तरफ बढ़ रहे थे । हिरण तो बच गया परंतु शेर और उसके बच्चे ….. नहीं बच सके

और दुआ करने वाला सोच रहा था कि उसने बहुत भलाई का काम किया …. … परंतु दुआ करने वाले को हिरण को बचाने के बदले पूण्य मिले या शेर और उसके बच्चों को मौत देने के बदले पाप यह तय करना उसके हाथ में नहीं था